MP Board 10th Science Ch3: Metals and Non-Metals Notes
MP Board Class 10 विज्ञान Chapter 3 धातु एवं अधातु (Metals and Non-Metals) की यह सम्पूर्ण हिंदी नोट्स 2027 परीक्षा के लिए तैयार की गई हैं। इस अध्याय में धातुओं और अधातुओं के भौतिक एवं रासायनिक गुण, अभिक्रियाशीलता श्रेणी, आयनिक यौगिक, धातु निष्कर्षण, और संक्षारण जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक शामिल हैं। MP Board परीक्षा में इस अध्याय से 5-7 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं।
📑 विषय-सूची
🔹 1. धातुओं के भौतिक गुण (Physical Properties of Metals)
धातुएँ वे तत्व हैं जो इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (cation) बनाती हैं। प्रकृति में लगभग 118 तत्वों में से 90 से अधिक धातुएँ हैं।
धातुओं के प्रमुख भौतिक गुण:
🔹 2. अधातुओं के भौतिक गुण (Physical Properties of Non-Metals)
अधातुएँ वे तत्व हैं जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (anion) बनाती हैं। ये धातुओं से बिल्कुल विपरीत गुण रखती हैं।
🔹 3. धातुओं के रासायनिक गुण (Chemical Properties of Metals)
3.1 ऑक्सीजन से अभिक्रिया
धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड (Metal Oxide) बनाती हैं:
सामान्य समीकरण: धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड (क्षारीय ऑक्साइड)
उदाहरण: 4Na + O₂ → 2Na₂O (सोडियम ऑक्साइड), 2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
3.2 जल से अभिक्रिया
3.3 अम्लों से अभिक्रिया
धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं:
धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस ↑
Zn + H₂SO₄ (तनु) → ZnSO₄ + H₂ ↑
Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂ ↑
पहचान: हाइड्रोजन गैस जलती हुई मोमबत्ती के पास ले जाने पर ‘पॉप’ की ध्वनि से पहचानी जाती है।
3.4 विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके यौगिक से विस्थापित कर देती है:
उदाहरण: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu ↓ (लोहे की कील नीले CuSO₄ में डुबाने पर भूरे रंग का Cu जमा हो जाता है)
🔹 4. अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series of Metals)
धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के आधार पर अवरोही क्रम में रखने पर जो श्रेणी बनती है, उसे अभिक्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं।
🔹 5. आयनिक यौगिक (Ionic Compounds)
जब कोई धातु किसी अधातु के साथ अभिक्रिया करती है, तो धातु अपने इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन और अधातु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती है। इनके बीच स्थिर वैद्युत आकर्षण बल से आयनिक यौगिक बनते हैं।
आयनिक यौगिकों के गुण:
- ठोस अवस्था: आयनिक यौगिक कठोर ठोस होते हैं — जैसे NaCl (सेंधा नमक)
- उच्च गलनांक और क्वथनांक: आयनिक बंध को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए — NaCl का गलनांक 801°C
- जल में विलेयता: ध्रुवीय विलायकों (जल) में घुलनशील
- विद्युत चालकता: ठोस अवस्था में कुचालक, परंतु पिघली या जलीय अवस्था में सुचालक
- आयनिक बंध: इलेक्ट्रॉनों का पूर्ण स्थानांतरण — जैसे NaCl में Na⁺ और Cl⁻
आयनिक यौगिकों के उदाहरण:
🔹 6. धातुओं का निष्कर्षण (Extraction of Metals)
प्रकृति में धातुएँ अयस्कों (Ores) के रूप में पाई जाती हैं। अयस्क से धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया को धातु निष्कर्षण (Metallurgy) कहते हैं।
निष्कर्षण के चरण:
अभिक्रियाशीलता के आधार पर निष्कर्षण विधियाँ:
- उच्च अभिक्रियाशील धातुएँ (K, Na, Ca, Mg, Al): विद्युत अपघटनी अपचयन — जैसे NaCl (पिघला) → Na + Cl₂ (डाउन्स प्रक्रम)
- मध्यम अभिक्रियाशील धातुएँ (Zn, Fe, Pb): कार्बन द्वारा अपचयन — ZnO + C → Zn + CO (ब्लास्ट फर्नेस)
- निम्न अभिक्रियाशील धातुएँ (Cu, Ag, Au): प्राकृतिक अवस्था में पाई जाती हैं — सीधे खनन द्वारा प्राप्त
🔹 7. संक्षारण (Corrosion) एवं इसकी रोकथाम
जब धातुएँ वायु, नमी या अम्लों के संपर्क में आकर धीरे-धीरे खराब हो जाती हैं, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।
संक्षारण रोकने के उपाय:
- पेंट (Painting): धातु की सतह पर पेंट करना — जैसे लोहे के फाटक पर पेंट
- ग्रीस या तेल: मशीनों के पुर्जों पर तेल/ग्रीस लगाना
- गैल्वेनाइजेशन: लोहे पर जिंक की परत चढ़ाना — सबसे प्रभावी तरीका
- क्रोमियम चढ़ाना: वाहनों के पुर्जों पर क्रोमियम चढ़ाना
- एनोडीकरण: एल्युमिनियम पर ऑक्साइड की मोटी परत बनाना
- मिश्रधातु बनाना: स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni) — जंग नहीं लगता
🔹 8. महत्वपूर्ण रासायनिक समीकरण
परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित रासायनिक समीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: धातु और अधातु में मुख्य अंतर क्या है?
धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं, जबकि अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं। धातुएँ चमकदार, आघातवर्धनीय, तन्य और ऊष्मा-विद्युत की सुचालक होती हैं, जबकि अधातुएँ भंगुर, कुचालक और बिना चमक वाली होती हैं।
प्रश्न 2: अभिक्रियाशीलता श्रेणी क्या है? इसका महत्व बताइए।
अभिक्रियाशीलता श्रेणी धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के अवरोही क्रम में रखने वाली श्रेणी है। इसका महत्व: (1) विस्थापन अभिक्रिया की दिशा तय करना, (2) धातु निष्कर्षण की विधि चुनना, (3) धातुओं की तुलनात्मक अभिक्रियाशीलता जानना।
प्रश्न 3: आयनिक यौगिक क्या होते हैं? इनके दो गुण लिखिए।
आयनिक यौगिक धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण द्वारा बनते हैं। गुण: (1) उच्च गलनांक और क्वथनांक — जैसे NaCl का गलनांक 801°C, (2) ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक, लेकिन पिघली या जलीय अवस्था में सुचालक।
प्रश्न 4: जंग लगने की रासायनिक प्रक्रिया समझाइए।
जंग लगना लोहे का ऑक्सीकरण है। लोहा वायु में ऑक्सीजन और नमी से अभिक्रिया करके हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃·xH₂O) बनाता है। इसके लिए ऑक्सीजन और जल दोनों आवश्यक हैं। 4Fe + 3O₂ + 2xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O
प्रश्न 5: गैल्वेनाइजेशन क्या है?
लोहे पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को गैल्वेनाइजेशन कहते हैं। जिंक वायु में ऑक्सीकृत होकर ZnO की एक सुरक्षा परत बना लेता है, जो लोहे को जंग लगने से बचाती है। यह संक्षारण रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
प्रश्न 6: सोडियम को केरोसिन में क्यों रखा जाता है?
सोडियम एक अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है जो वायु की ऑक्सीजन और नमी से तुरंत अभिक्रिया कर ज्वलनशील हो जाती है। केरोसिन में रखने पर यह वायु और नमी से अलग रहता है, जिससे यह सुरक्षित रहता है।
प्रश्न 7: विद्युत अपघटनी अपचयन क्या है? इसका उपयोग कहाँ होता है?
विद्युत अपघटनी अपचयन में पिघले हुए धातु यौगिक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, जिससे धातु कैथोड पर जमा हो जाती है। इसका उपयोग अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं (Na, K, Mg, Al) के निष्कर्षण में होता है।
प्रश्न 8: मिश्रधातु क्या होती है? स्टेनलेस स्टील का संघटन बताइए।
दो या दो से अधिक धातुओं (या धातु और अधातु) के समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं। स्टेनलेस स्टील: लोहा (Fe) + क्रोमियम (Cr) + निकेल (Ni)। इसमें क्रोमियम की उपस्थिति के कारण इसमें जंग नहीं लगती।
प्रश्न 9: ग्रेफाइट और डायमंड में अंतर बताइए।
दोनों कार्बन के अपररूप हैं। ग्रेफाइट मृदु, काला, विद्युत का सुचालक और फिसलनकारी होता है (पेंसिल में प्रयोग)। डायमंड अत्यंत कठोर, पारदर्शी, विद्युत का कुचालक और सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है (आभूषणों में प्रयोग)।
प्रश्न 10: विस्थापन अभिक्रिया को उदाहरण सहित समझाइए।
जब अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित कर देती है, तो इसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण: Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu — लोहा कॉपर को CuSO₄ से विस्थापित कर देता है।
📝 अपनी तैयारी को परखें!
MP Board परीक्षा पैटर्न पर आधारित चैप्टर-वाइज मॉक टेस्ट mpboard.ai पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।