MP Board Class 12 Chemistry Chapter 2: Electrochemistry PYQ

MP Board Class 12 Chemistry Chapter 2: विद्युत रसायन (Electrochemistry) — यह अध्याय रसायन विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है। MP Board परीक्षा में इस अध्याय से प्रतिवर्ष 8-12 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्याय में हम विद्युत रासायनिक सेल, गैल्वेनिक सेल, इलेक्ट्रोड विभव, नर्न्स्ट समीकरण, बैटरियाँ, संक्षारण (Corrosion) एवं विद्युत अपघटन (Electrolysis) का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

🔋 1. विद्युत रासायनिक सेल (Electrochemical Cells)

विद्युत रासायनिक सेल वे उपकरण हैं जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में अथवा विद्युत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। विद्युत रासायनिक सेल दो प्रकार के होते हैं:

सेल का प्रकार कार्य उदाहरण
गैल्वेनिक सेल (वोल्टीय सेल) रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा डेनियल सेल, लेक्लांची सेल
विद्युत अपघटनी सेल विद्युत ऊर्जा → रासायनिक ऊर्जा जल का विद्युत अपघटन, NaCl का विद्युत अपघटन
🎯 परीक्षा टिप: MP Board परीक्षा में गैल्वेनिक सेल और विद्युत अपघटनी सेल में अंतर पूछा जाता है — कम से कम 4 अंतर याद रखें।

⚡ 2. गैल्वेनिक सेल (Galvanic Cell)

गैल्वेनिक सेल एक ऐसा विद्युत रासायनिक सेल है जिसमें स्वतः होने वाली रेडॉक्स अभिक्रिया से विद्युत धारा उत्पन्न होती है। सबसे प्रसिद्ध गैल्वेनिक सेल डेनियल सेल है।

डेनियल सेल की संरचना

डेनियल सेल में दो अर्ध-सेल होते हैं:

  • एनोड अर्ध-सेल (ऑक्सीकरण): जिंक (Zn) की पट्टी ZnSO₄ (1M) विलयन में डुबोई जाती है। Zn → Zn²⁺ + 2e⁻
  • कैथोड अर्ध-सेल (अपचयन): ताँबा (Cu) की पट्टी CuSO₄ (1M) विलयन में डुबोई जाती है। Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu
  • दोनों अर्ध-सेलों को लवण सेतु (Salt Bridge) द्वारा जोड़ा जाता है जो आयनों के प्रवाह को संतुलित करता है।

📘 सेल अभिक्रिया:
एनोड (ऑक्सीकरण): Zn(s) → Zn²⁺(aq) + 2e⁻
कैथोड (अपचयन): Cu²⁺(aq) + 2e⁻ → Cu(s)
कुल सेल अभिक्रिया: Zn(s) + Cu²⁺(aq) → Zn²⁺(aq) + Cu(s)

सेल आरेख (Cell Diagram) का निरूपण

डेनियल सेल को निम्न प्रकार से निरूपित किया जाता है:

सेल आरेख: Zn(s) | Zn²⁺(aq, 1M) || Cu²⁺(aq, 1M) | Cu(s)

जहाँ | = फेज़ विभाजक, || = लवण सेतु को दर्शाता है। एनोड सदैव बाईं ओर और कैथोड दाईं ओर लिखा जाता है।

📊 3. इलेक्ट्रोड विभव एवं मानक इलेक्ट्रोड विभव

इलेक्ट्रोड विभव (Electrode Potential): जब किसी धातु की पट्टी को उसके लवण के विलयन में डुबोया जाता है, तो धातु एवं विलयन के बीच एक विभवांतर उत्पन्न होता है, जिसे इलेक्ट्रोड विभव कहते हैं।

मानक इलेक्ट्रोड विभव (Standard Electrode Potential, E°): यह वह विभव है जो 25°C तापमान, 1 atm दाब और 1M सांद्रता पर मापा जाता है। सभी इलेक्ट्रोड विभवों की तुलना मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) से की जाती है, जिसका मानक विभव 0.00 V होता है।

इलेक्ट्रोड अर्ध-अभिक्रिया E° (Volts)
Li⁺/Li Li⁺ + e⁻ → Li -3.05
K⁺/K K⁺ + e⁻ → K -2.93
Zn²⁺/Zn Zn²⁺ + 2e⁻ → Zn -0.76
Fe²⁺/Fe Fe²⁺ + 2e⁻ → Fe -0.44
H⁺/H₂ (SHE) 2H⁺ + 2e⁻ → H₂ 0.00
Cu²⁺/Cu Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu +0.34
Ag⁺/Ag Ag⁺ + e⁻ → Ag +0.80
F₂/F⁻ F₂ + 2e⁻ → 2F⁻ +2.87
🎯 परीक्षा टिप: मानक इलेक्ट्रोड विभव की वैद्युत रासायनिक श्रेणी (Electrochemical Series) बहुत महत्वपूर्ण है। जितना अधिक ऋणात्मक E° होगा, उतना ही अधिक अपचायक क्षमता। जितना अधिक धनात्मक E° होगा, उतना ही अधिक ऑक्सीकारक क्षमता।

📐 4. नर्न्स्ट समीकरण (Nernst Equation)

नर्न्स्ट समीकरण इलेक्ट्रोड विभव और विलयन की सांद्रता के बीच संबंध बताता है। यह समीकरण मानक अवस्था से भिन्न सांद्रता पर सेल विभव की गणना करने में सहायक है।

नर्न्स्ट समीकरण:
E = E° – (RT/nF) × ln Q

या सामान्य रूप में (298K पर):
E = E° – (0.0591/n) × log₁₀ Q

जहाँ:

  • E = सेल विभव (गैर-मानक स्थितियों पर)
  • E° = मानक सेल विभव
  • R = गैस स्थिरांक (8.314 J/mol·K)
  • T = तापमान (Kelvin में)
  • n = स्थानांतरित इलेक्ट्रॉनों की संख्या
  • F = फैराडे स्थिरांक (96485 C/mol)
  • Q = अभिक्रिया भागफल (Reaction Quotient)

गैल्वेनिक सेल के लिए नर्न्स्ट समीकरण

डेनियल सेल के लिए नर्न्स्ट समीकरण:
Eसेल = E°सेल – (0.0591/2) × log([Zn²⁺]/[Cu²⁺])

सामान्य रूप:
Eसेल = E°सेल – (0.0591/n) × log([अपचयित रूप]/[ऑक्सीकृत रूप])

📘 महत्वपूर्ण: साम्यावस्था पर, Eसेल = 0 और Q = K (साम्य स्थिरांक)। अतः:
log K = nE°सेल / 0.0591 (298K पर)

⚗️ 5. विद्युत अपघटन (Electrolysis)

विद्युत अपघटन वह प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित करके किसी यौगिक (पिघले हुए अथवा जलीय विलयन) का रासायनिक विघटन किया जाता है। इस प्रक्रिया में विद्युत ऊर्जा का उपयोग अ-स्वतः (non-spontaneous) रेडॉक्स अभिक्रिया को संपन्न कराने में किया जाता है।

विद्युत अपघटनी सेल के घटक:

  • अक्रिय इलेक्ट्रोड: प्लैटिनम (Pt), ग्रेफाइट (C) — जो स्वयं अभिक्रिया में भाग नहीं लेते
  • विद्युत अपघट्य: पिघला हुआ लवण या जलीय विलयन
  • बाहरी विद्युत स्रोत: बैटरी या DC सप्लाई
गुण गैल्वेनिक सेल विद्युत अपघटनी सेल
ऊर्जा परिवर्तन रासायनिक → विद्युत विद्युत → रासायनिक
अभिक्रिया की प्रकृति स्वतः (Spontaneous) अ-स्वतः (Non-spontaneous)
इलेक्ट्रॉड चिन्ह एनोड (-), कैथोड (+) एनोड (+), कैथोड (-)
उदाहरण डेनियल सेल, बैटरी जल का अपघटन, विद्युत लेपन

📏 6. फैराडे के नियम (Faraday’s Laws of Electrolysis)

प्रथम नियम (First Law)

“किसी इलेक्ट्रोड पर मुक्त होने वाले पदार्थ का द्रव्यमान (m) प्रवाहित विद्युत धारा (I) और समय (t) के गुणनफल के समानुपाती होता है।”

सूत्र: m = Z × I × t
जहाँ Z = विद्युत रासायनिक तुल्यांक (Electrochemical Equivalent), I = धारा (एम्पियर), t = समय (सेकंड)

द्वितीय नियम (Second Law)

“समान मात्रा में विद्युत प्रवाहित करने पर विभिन्न पदार्थों के मुक्त द्रव्यमान उनके रासायनिक तुल्यांकी भारों (Equivalent Weights) के समानुपाती होते हैं।”

🎯 परीक्षा टिप: फैराडे स्थिरांक F = 96485 C/mol ≈ 96500 C/mol याद रखें। 1 फैराडे = 1 mol इलेक्ट्रॉनों का आवेश = 96500 C।

🔋 7. बैटरियाँ (Batteries)

बैटरी एक या अधिक गैल्वेनिक सेलों का समूह होती है जो एक श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं। बैटरियाँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं:

बैटरी का प्रकार उदाहरण विशेषताएँ
प्राथमिक बैटरी शुष्क सेल (Leclanché), बटन सेल एक बार उपयोग, रिचार्ज नहीं की जा सकती
द्वितीयक बैटरी लेड-एसिड बैटरी, Ni-Cd बैटरी, Li-ion बैटरी रिचार्ज की जा सकती है, पुन: उपयोगी

प्रमुख बैटरियों की अभिक्रियाएँ

✅ शुष्क सेल (Dry Cell):
एनोड: Zn(s) → Zn²⁺ + 2e⁻
कैथोड: 2MnO₂ + 2NH₄⁺ + 2e⁻ → Mn₂O₃ + 2NH₃ + H₂O
वोल्टता: लगभग 1.5 V

✅ लेड-एसिड बैटरी (Lead-Acid Battery):
एनोड: Pb(s) + SO₄²⁻ → PbSO₄(s) + 2e⁻
कैथोड: PbO₂(s) + 4H⁺ + SO₄²⁻ + 2e⁻ → PbSO₄(s) + 2H₂O(l)
वोल्टता: प्रति सेल 2 V, कार में 6 सेल श्रेणीक्रम में = 12 V

🔧 8. संक्षारण (Corrosion)

संक्षारण वह प्रक्रिया है जिसमें धातुएँ अपने आस-पास के वातावरण (वायु, जल, अम्ल) से अभिक्रिया करके धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं। लोहे के संक्षारण को जंग लगना (Rusting) कहते हैं।

जंग लगने की प्रक्रिया

  • एनोड पर (ऑक्सीकरण): Fe(s) → Fe²⁺ + 2e⁻
  • कैथोड पर (अपचयन): O₂ + 4H⁺ + 4e⁻ → 2H₂O (अम्लीय माध्यम)
  • Fe²⁺ + 2OH⁻ → Fe(OH)₂ → Fe(OH)₃ → Fe₂O₃·xH₂O (जंग)

संक्षारण रोकने के उपाय

  • लेपन (Coating): पेंट, तेल, ग्रीस या वार्निश का लेप
  • गैल्वनीकरण (Galvanization): लोहे पर जिंक की परत चढ़ाना
  • टिन कोटिंग: लोहे पर टिन की परत (जैसे डिब्बे)
  • कैथोडिक संरक्षण (Cathodic Protection): अधिक क्रियाशील धातु (जैसे Mg, Zn) को जोड़ना
  • मिश्रधातु बनाना: स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni)
🎯 परीक्षा टिप: संक्षारण तथा संक्षारण रोकने के उपायों पर प्रायः 3-4 अंकों का प्रश्न आता है। कैथोडिक संरक्षण में Zn या Mg का उपयोग क्यों किया जाता है — इसका कारण समझें।

📋 9. महत्वपूर्ण सूत्र एवं तथ्य

क्रमांक सूत्र / तथ्य विवरण
1 सेल = E°कैथोड – E°एनोड मानक सेल विभव की गणना
2 ΔG° = -nFE°सेल गिब्स मुक्त ऊर्जा और सेल विभव
3 ΔG° = -RT ln K साम्य स्थिरांक से संबंध
4 E = E° – (0.0591/n) log Q नर्न्स्ट समीकरण (298K)
5 w = ZIt = (E × I × t) / 96500 फैराडे का प्रथम नियम
6 m₁/m₂ = E₁/E₂ फैराडे का द्वितीय नियम
7 सेल = (0.0591/n) log K साम्य स्थिरांक और सेल विभव
8 Λ = κ / C मोलर चालकता (Molar Conductivity)

📘 महत्वपूर्ण तथ्य:
1. 1 फैराडे = 96500 C = 1 mol इलेक्ट्रॉन
2. 1 Ah (एम्पियर-घंटा) = 3600 C
3. λ°m(HCl) > λ°m(NaCl) > λ°m(CH₃COOH) (H⁺ आयन की अधिक गतिशीलता के कारण)
4. कोलराऊश का नियम: Λ°m = ν₊λ°₊ + ν₋λ°₋

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: गैल्वेनिक सेल और विद्युत अपघटनी सेल में क्या अंतर है?

उत्तर: गैल्वेनिक सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है और इसमें अभिक्रिया स्वतः होती है, जबकि विद्युत अपघटनी सेल विद्युत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलता है और इसमें अभिक्रिया अ-स्वतः होती है। गैल्वेनिक सेल में एनोड ऋणात्मक (-) और कैथोड धनात्मक (+) होता है, जबकि विद्युत अपघटनी सेल में इसका विपरीत होता है।

प्रश्न 2: नर्न्स्ट समीकरण क्या है और इसका उपयोग क्या है?

उत्तर: नर्न्स्ट समीकरण E = E° – (RT/nF) ln Q है। इसका उपयोग गैर-मानक सांद्रता पर सेल विभव की गणना करने में किया जाता है। 298K पर सामान्य रूप E = E° – (0.0591/n) log₁₀ Q है।

प्रश्न 3: मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) क्या है?

उत्तर: SHE एक संदर्भ इलेक्ट्रोड है जिसका विभव 0.00 V माना जाता है। इसमें 1 atm दाब पर H₂ गैस को 1M H⁺ विलयन में डुबोई Pt पट्टी पर प्रवाहित किया जाता है। इसका उपयोग अन्य इलेक्ट्रोडों के मानक विभव को मापने में किया जाता है।

प्रश्न 4: फैराडे स्थिरांक क्या है?

उत्तर: फैराडे स्थिरांक (F) एक मोल इलेक्ट्रॉनों के आवेश को दर्शाता है। इसका मान 96485 C/mol (लगभग 96500 C/mol) है। F = e × Nₐ जहाँ e = इलेक्ट्रॉन का आवेश और Nₐ = एवोगैड्रो संख्या।

प्रश्न 5: लवण सेतु (Salt Bridge) का क्या कार्य है?

उत्तर: लवण सेतु गैल्वेनिक सेल में दो अर्ध-सेलों को जोड़ता है। इसके कार्य हैं: (i) विद्युत परिपथ को पूरा करना, (ii) विलयनों की विद्युतीय उदासीनता बनाए रखना, (iii) आयनों के प्रवाह को संतुलित करना। इसमें सामान्यतः KCl या KNO₃ का जेल भरा होता है।

प्रश्न 6: लेड-एसिड बैटरी में चार्जिंग और डिस्चार्जिंग के समय क्या होता है?

उत्तर: डिस्चार्जिंग के समय Pb और PbO₂ दोनों PbSO₄ में बदलते हैं और H₂SO₄ की सांद्रता कम होती है। चार्जिंग के समय विपरीत अभिक्रिया होती है — PbSO₄ पुनः Pb और PbO₂ में बदलता है और H₂SO₄ की सांद्रता बढ़ती है।

प्रश्न 7: संक्षारण कैसे रोका जा सकता है?

उत्तर: संक्षारण रोकने के मुख्य उपाय हैं: (i) पेंट या तेल का लेप चढ़ाना, (ii) गैल्वनीकरण (जिंक की परत), (iii) टिन कोटिंग, (iv) कैथोडिक संरक्षण (Mg या Zn का बलि एनोड), (v) मिश्रधातु बनाना (स्टेनलेस स्टील), (vi) नमी से बचाना।

प्रश्न 8: कोलराऊश के नियम को समझाइए।

उत्तर: कोलराऊश के नियम के अनुसार, अनंत तनुता पर किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता, उसके धनायन और ऋणायन की व्यक्तिगत आयनिक चालकताओं के योग के बराबर होती है। सूत्र: Λ°m = ν₊λ°₊ + ν₋λ°₋।

प्रश्न 9: मोलर चालकता (Molar Conductivity) क्या है?

उत्तर: मोलर चालकता (Λm) किसी विलयन की वह चालकता है जो विलेय के एक मोल वाले विलयन द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिसमें इलेक्ट्रोडों के बीच की दूरी 1 cm हो। सूत्र: Λm = κ × 1000 / C, जहाँ κ = विशिष्ट चालकता और C = मोलर सांद्रता।

प्रश्न 10: विद्युत रासायनिक श्रेणी (Electrochemical Series) का क्या महत्व है?

उत्तर: विद्युत रासायनिक श्रेणी धातुओं को उनके मानक अपचयन विभव के आधार पर क्रमबद्ध करती है। इसका उपयोग: (i) गैल्वेनिक सेल का EMF ज्ञात करने, (ii) अभिक्रिया की स्वतःप्रवर्तिता की भविष्यवाणी, (iii) ऑक्सीकारक एवं अपचायक क्षमता की तुलना, (iv) विस्थापन अभिक्रियाओं की भविष्यवाणी में होता है।

📋 पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ)

वर्ष प्रश्न अंक
2024 गैल्वेनिक सेल और विद्युत अपघटनी सेल में अंतर लिखिए। 4
2023 नर्न्स्ट समीकरण लिखकर समझाइए। 3
2023 फैराडे के द्वितीय नियम को समझाइए। 3
2022 मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) का वर्णन कीजिए। 4
2022 डेनियल सेल का चित्र बनाकर समझाइए। 5
2021 संक्षारण किसे कहते हैं? इसको रोकने के उपाय लिखिए। 3
2020 सेल = +1.10 V वाले एक सेल का EMF 0.0591/n log Q से संबंधित प्रश्न। 5
2019 लीड-एसिड संचायक सेल की चार्जिंग एवं डिस्चार्जिंग अभिक्रियाएँ लिखिए। 4

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