MP Board Class 10 Science Chapter 10: The Human Eye and t…
👁️ MP Board Class 10 Science — Chapter 10: मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी दुनिया (The Human Eye and the Colourful World)
📌 Key Concepts & Formulas
1. मानव नेत्र की संरचना (Structure of Human Eye)
मानव नेत्र एक प्राकृतिक कैमरा है जो प्रकाश के प्रति संवेदनशील है।
| भाग (Part) | कार्य (Function) |
|---|---|
| कॉर्निया (Cornea) | नेत्र के सामने पारदर्शी उभरी हुई झिल्ली; प्रकाश को अपवर्तित करती है |
| पुतली (Pupil) | आइरिस के बीच का छेद; प्रकाश को नेत्र में प्रवेश देता है |
| आइरिस (Iris) | पुतली के आकार को नियंत्रित करती है (प्रकाश की मात्रा नियंत्रित) |
| नेत्र लेंस (Eye Lens) | द्विउत्तल (biconvex) लेंस; फ़ोकस करता है |
| दृष्टि-पटल (Retina) | पीछे की दीवार पर प्रकाश-संवेदी परत; प्रतिबिंब बनता है |
| प्रकाशिक तंत्रिका (Optic Nerve) | संकेतों को मस्तिष्क तक ले जाती है |
| सिलियरी मांसपेशियाँ (Ciliary Muscles) | लेंस की वक्रता बदलकर फ़ोकस समायोजित करती हैं |
2. समंजन क्षमता (Power of Accommodation)
नेत्र लेंस की फ़ोकस दूरी बदलने की क्षमता को समंजन क्षमता कहते हैं।
- दूर की वस्तुएँ: लेंस पतला → फ़ोकस दूरी बढ़ती है → प्रतिबिंब रेटिना पर बनता है
- पास की वस्तुएँ: लेंस मोटा → फ़ोकस दूरी घटती है → प्रतिबिंब रेटिना पर बनता है
- सामान्य नेत्र के लिए दूर बिंदु = अनंत (∞), निकट बिंदु ≈ 25 cm
3. दृष्टि दोष (Defects of Vision)
निकट दृष्टि दोष (Myopia / Nearsightedness)
| विवरण | विवरण |
|---|---|
| समस्या | पास की वस्तुएँ दिखती हैं, दूर की नहीं |
| कारण | नेत्र गोलक बहुत लंबा या लेंस बहुत अधिक वक्रित → प्रतिबिंब रेटिना के आगे बनता है |
| उपचार | अवतल लेंस (Concave Lens) का चश्मा |
दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia / Farsightedness)
| विवरण | विवरण |
|---|---|
| समस्या | दूर की वस्तुएँ दिखती हैं, पास की नहीं |
| कारण | नेत्र गोलक बहुत छोटा या लेंस की वक्रता कम → प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है |
| उपचार | उत्तल लेंस (Convex Lens) का चश्मा |
जरा दूर दृष्टि दोष (Presbyopia)
- बुढ़ापे में समंजन क्षमता कम हो जाती है
- उपचार: द्विफ़ोकल लेंस (Bifocal Lens) — ऊपर उत्तल, नीचे अवतल
अबिंदुकता (Astigmatism)
- कॉर्निया का अनियमित वक्रता → सभी दूरियों पर धुंधला दिखना
- उपचार: बेलनाकार लेंस (Cylindrical Lens)
4. प्रकाश का परिक्षेपण (Dispersion of Light)
सफेद प्रकाश का सात रंगों में विभाजित होना प्रकाश का परिक्षेपण कहलाता है।
VIBGYOR — बैंगनी (Violet), जामुनी (Indigo), नीला (Blue), हरा (Green), पीला (Yellow), नारंगी (Orange), लाल (Red)
| गुण | विवरण |
|---|---|
| विचलन (Deviation) | सबसे अधिक — बैंगनी, सबसे कम — लाल |
| तरंगदैर्ध्य | लाल सबसे अधिक (~700 nm), बैंगनी सबसे कम (~400 nm) |
5. इंद्रधनुष का निर्माण (Rainbow Formation)
इंद्रधनुष वर्षा की बूँदों द्वारा सूर्य के प्रकाश के परिक्षेपण, परावर्तन और अपवर्तन से बनता है।
प्रक्रिया: अपवर्तन → आंतरिक परावर्तन → पुनः अपवर्तन
6. वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)
| परिघटना | कारण |
|---|---|
| तारे टिमटिमाते हैं | वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण प्रकाश पथ बदलता है |
| सूर्योदय-सूर्यास्त में विलंब | अपवर्तन के कारण वास्तविक सूर्योदय से 2 मिनट पहले ही सूर्य दिखने लगता है |
| सूर्य का चपटा दिखना | क्षितिज पर सूर्य की किरणें अधिक मुड़ती हैं |
7. प्रकीर्णन (Scattering of Light) — Tyndall Effect
रैले का प्रकीर्णन नियम: प्रकीर्णन तीव्रता ∝ 1/λ⁴
अर्थात, कम तरंगदैर्ध्य का प्रकाश अधिक प्रकीर्णित होता है।
| परिघटना | व्याख्या |
|---|---|
| आकाश नीला | नीले प्रकाश (λ ~ 450 nm) का प्रकीर्णन लाल से अधिक |
| सूर्योदय-सूर्यास्त पर लाल सूर्य | सूर्य क्षितिज पर — प्रकाश अधिक दूरी तय करता है → नीला प्रकीर्णित हो जाता है → केवल लाल बचता है |
📝 Solved Examples (5)
Example 1: निकट दृष्टि दोष का लेंस सूत्र
एक व्यक्ति 50 m दूर तक स्पष्ट देख सकता है। उसे कितनी फ़ोकस दूरी का लेंस चाहिए?
हल:
– दूर बिंदु (Far point) = 50 m
– अनंत पर वस्तु के लिए प्रतिबिंब 50 m पर बनना चाहिए
– लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
– u = -∞, v = -50 m (प्रतिबिंब वस्तु की ही ओर)
– 1/f = 1/(-50) – 1/(-∞)
– 1/f = -1/50
– f = -50 m (अवतल लेंस)
– लेंस की क्षमता (Power) P = 1/f = 1/(-50) = -0.02 D ✅
Example 2: दूर दृष्टि दोष का लेंस सूत्र
एक व्यक्ति का निकट बिंदु 1 m है। उसे 25 cm पर पढ़ने के लिए कितनी क्षमता का लेंस चाहिए?
हल:
– वस्तु दूरी u = -25 cm = -0.25 m
– प्रतिबिंब दूरी v = -1 m (निकट बिंदु पर बनना चाहिए)
– लेंस सूत्र: 1/f = 1/v – 1/u
– 1/f = 1/(-1) – 1/(-0.25)
– 1/f = -1 + 4
– 1/f = 3
– f = 1/3 m ≈ 0.33 m (उत्तल लेंस)
– लेंस की क्षमता P = 1/f = +3 D ✅
Example 3: प्रकाश का परिक्षेपण — कोणीय विचलन
एक काँच के प्रिज्म का अपवर्तनांक लाल प्रकाश के लिए 1.52 और बैंगनी के लिए 1.54 है। यदि प्रिज्म कोण 60° है, तो दोनों रंगों के विचलन कोणों का अंतर ज्ञात करें।
हल:
– न्यूनतम विचलन कोण δ = (n – 1)A
– लाल प्रकाश: δ₁ = (1.52 – 1) × 60° = 0.52 × 60° = 31.2°
– बैंगनी प्रकाश: δ₂ = (1.54 – 1) × 60° = 0.54 × 60° = 32.4°
– विचलन में अंतर = 32.4° – 31.2° = 1.2° ✅
Example 4: अपवर्तन के कारण सूर्य दिखने में विलंब
सूर्य की किरणें क्षितिज पर वायुमंडल में प्रवेश करती हैं। वायुमंडल की अपवर्तनांक 1.0003 मानते हुए स्पष्ट ऊँचाई वास्तविक से कितने कोण पर दिखती है?
हल:
– यह घटना वायुमंडलीय अपवर्तन का परिणाम है
– वायुमंडल के कारण प्रकाश मुड़ जाता है
– परिणामस्वरूप, सूर्य वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले दिखाई देने लगता है
– सूर्यास्त के समय भी सूर्य वास्तविक सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट बाद तक दिखता है
– कोणीय विस्थापन लगभग 0.5° (सूर्य के कोणीय व्यास के बराबर) ✅
Example 5: रैले प्रकीर्णन — तीव्रता अनुपात
नीले प्रकाश (λ = 450 nm) और लाल प्रकाश (λ = 700 nm) की प्रकीर्णन तीव्रता का अनुपात ज्ञात करें।
हल:
– रैले के नियम के अनुसार: I ∝ 1/λ⁴
– I_नीला / I_लाल = (λ_लाल / λ_नीला)⁴
– = (700 / 450)⁴
– = (1.556)⁴
– = 1.556² × 1.556²
– = 2.42 × 2.42
– = 5.86
– अर्थात, नीला प्रकाश लाल से लगभग 5.86 गुना अधिक प्रकीर्णित होता है ✅
✏️ Practice Questions (5)
Q1. निकट दृष्टि दोष का कारण क्या है? इसे किस प्रकार के लेंस से ठीक किया जाता है?
👉 उत्तर देखें
**कारण:** नेत्र गोलक का बहुत लंबा होना या नेत्र लेंस की अधिक वक्रता; प्रतिबिंब रेटिना के आगे बनता है।
**उपचार:** अवतल लेंस (Concave / Diverging Lens) का चश्मा पहनकर।
Q2. एक व्यक्ति का निकट बिंदु 50 cm है। उसे 25 cm दूरी पर पढ़ने के लिए कितनी क्षमता का लेंस चाहिए?
👉 उत्तर देखें
u = -25 cm = -0.25 m, v = -50 cm = -0.5 m
1/f = 1/v – 1/u = 1/(-0.5) – 1/(-0.25) = -2 + 4 = 2
P = 1/f = **+2 D** (उत्तल लेंस)
Q3. इंद्रधनुष कैसे बनता है? तीन प्रमुख प्रक्रियाएँ बताइए।
👉 उत्तर देखें
इंद्रधनुष वर्षा की बूँदों में सूर्य के प्रकाश के कारण बनता है। तीन प्रक्रियाएँ:
1. **अपवर्तन** — प्रकाश बूँद में प्रवेश करते समय मुड़ता है
2. **आंतरिक परावर्तन** — बूँद के अंदर प्रकाश परावर्तित होता है
3. **पुनः अपवर्तन** — बूँद से बाहर निकलते समय प्रकाश फिर मुड़ता है
परिणामस्वरूप VIBGYOR रंग दिखाई देते हैं।
Q4. आकाश का रंग नीला क्यों दिखाई देता है? सूर्योदय के समय सूर्य लाल क्यों दिखता है?
👉 उत्तर देखें
**आकाश नीला:** रैले प्रकीर्णन के अनुसार, नीले प्रकाश (λ ~ 450 nm) की तरंगदैर्ध्य छोटी होती है, इसलिए यह लाल प्रकाश से लगभग 6 गुना अधिक प्रकीर्णित होता है। यह प्रकीर्णित नीला प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँचता है।
**सूर्योदय पर लाल:** सूर्य क्षितिज पर होता है — प्रकाश को वायुमंडल में अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। नीला प्रकाश प्रकीर्णित होकर बिखर जाता है, केवल लाल प्रकाश (जो कम प्रकीर्णित होता है) सीधे हमारी आँखों तक पहुँचता है।
Q5. एक प्रिज्म से सफेद प्रकाश गुजारने पर क्या होता है? प्रिज्म द्वारा उत्पन्न स्पेक्ट्रम के रंगों के नाम लिखिए।
👉 उत्तर देखें
सफेद प्रकाश प्रिज्म से गुज़रने पर **परिक्षेपित (dispersed)** हो जाता है और सात रंगों में विभाजित हो जाता है — **VIBGYOR**:
– **V** — बैंगनी (Violet) — सबसे अधिक विचलन
– **I** — जामुनी (Indigo)
– **B** — नीला (Blue)
– **G** — हरा (Green)
– **Y** — पीला (Yellow)
– **O** — नारंगी (Orange)
– **R** — लाल (Red) — सबसे कम विचलन
प्रिज्म सफेद प्रकाश को तोड़ता (विभाजित) नहीं बल्कि अलग-अलग रंगों को अलग-अलग कोणों से मोड़ता है क्योंकि प्रत्येक रंग का अपवर्तनांक अलग होता है।
📅 Generated: 26 July 2026 | 📚 MP Board Class 10 Science Chapter 10 — मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी दुनिया