MP Board Class 10 Maths Ch 5: Samantar Shreni Notes
समांतर श्रेणी (Arithmetic Progression) — गणित की वह महत्वपूर्ण शाखा है जो संख्याओं के एक विशेष क्रम (Pattern) का अध्ययन करती है, जहाँ प्रत्येक पद अपने पिछले पद में एक नियत संख्या (सार्व अंतर) जोड़ने पर प्राप्त होता है। MP Board Class 10 की परीक्षा में इस अध्याय से 4-6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें AP का nवाँ पद, AP का योगफल, और वास्तविक जीवन पर आधारित समस्याएँ शामिल हैं।
📑 विषय सूची
🔢 1. समांतर श्रेणी का परिचय
समांतर श्रेणी (Arithmetic Progression) संख्याओं का एक ऐसा अनुक्रम (Sequence) है जिसमें प्रथम पद के बाद प्रत्येक पद पिछले पद में एक निश्चित संख्या जोड़ने पर प्राप्त होता है। इस निश्चित संख्या को सार्व अंतर (Common Difference) कहते हैं, जिसे ‘d’ से प्रदर्शित करते हैं।
उदाहरण: 2, 4, 6, 8, 10, … एक समांतर श्रेणी है क्योंकि प्रत्येक पद पिछले पद में 2 जोड़ने पर प्राप्त होता है। यहाँ प्रथम पद (a) = 2 और सार्व अंतर (d) = 2 है।
समांतर श्रेणी के प्रकार
AP को व्यक्त करने का सामान्य रूप
समांतर श्रेणी का सामान्य रूप इस प्रकार है:
जहाँ a = प्रथम पद (First Term)
d = सार्व अंतर (Common Difference)
📐 2. महत्वपूर्ण सूत्र
समांतर श्रेणी के मुख्य सूत्र
🔍 3. AP का nवाँ पद (nth Term)
समांतर श्रेणी के किसी भी पद को ज्ञात करने का सूत्र aₙ = a + (n − 1)d है। इस सूत्र की सहायता से हम AP का कोई भी पद आसानी से ज्ञात कर सकते हैं।
उदाहरण 1: nवाँ पद ज्ञात करना
प्रश्न: AP 2, 7, 12, … का 10वाँ पद ज्ञात कीजिए।
यहाँ a = 2, d = 7 − 2 = 5, n = 10
aₙ = a + (n − 1)d
a₁₀ = 2 + (10 − 1) × 5
a₁₀ = 2 + 9 × 5 = 2 + 45 = 47
अतः 10वाँ पद = 47
उदाहरण 2: पदों की संख्या ज्ञात करना
प्रश्न: क्या AP 21, 18, 15, … का कोई पद −81 है? यदि हाँ, तो कौन-सा पद?
यहाँ a = 21, d = 18 − 21 = −3
माना aₙ = −81
a + (n − 1)d = −81
21 + (n − 1)(−3) = −81
21 − 3n + 3 = −81
24 − 3n = −81
−3n = −105
n = 35
अतः −81, AP का 35वाँ पद है।
उदाहरण 3: दो पदों के बीच AP ज्ञात करना
प्रश्न: 3 और 11 के बीच 5 संख्याएँ डालिए ताकि वे एक AP बनाएँ।
यहाँ a = 3, l = 11, कुल पद = 2 + 5 = 7
l = a + (n − 1)d
11 = 3 + (7 − 1)d
11 = 3 + 6d
6d = 8
d = 4/3
अतः अभीष्ट AP: 3, (3 + 4/3), (3 + 8/3), (3 + 12/3), (3 + 16/3), (3 + 20/3), 11
= 3, 13/3, 17/3, 7, 25/3, 29/3, 11
➕ 4. AP के n पदों का योग (Sum of n Terms)
समांतर श्रेणी के प्रथम n पदों का योगफल निम्नलिखित दो सूत्रों में से किसी एक से ज्ञात किया जा सकता है:
उदाहरण 4: AP का योग ज्ञात करना
प्रश्न: AP 2, 7, 12, … के प्रथम 10 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
यहाँ a = 2, d = 5, n = 10
Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d]
S₁₀ = 10/2 [2 × 2 + (10 − 1) × 5]
S₁₀ = 5 [4 + 45]
S₁₀ = 5 × 49 = 245
उदाहरण 5: प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग
प्रश्न: प्रथम 100 प्राकृत संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
प्रथम 100 प्राकृत संख्याएँ: 1, 2, 3, …, 100 (AP)
यहाँ a = 1, d = 1, n = 100
Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d]
S₁₀₀ = 100/2 [2 × 1 + (100 − 1) × 1]
S₁₀₀ = 50 [2 + 99]
S₁₀₀ = 50 × 101 = 5050
नोट: प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग = n(n+1)/2 के सूत्र से भी ज्ञात किया जा सकता है। यहाँ n = 100, अतः 100 × 101/2 = 5050
उदाहरण 6: व्यावहारिक समस्या
प्रश्न: एक निर्माता एक वर्ष में 600 मशीनें बनाता है। दूसरे वर्ष में वह 700, तीसरे वर्ष में 800 मशीनें बनाता है। तो 10 वर्षों में कुल कितनी मशीनें बनेंगी?
AP: 600, 700, 800, …
यहाँ a = 600, d = 100, n = 10
S₁₀ = 10/2 [2 × 600 + (10 − 1) × 100]
S₁₀ = 5 [1200 + 900]
S₁₀ = 5 × 2100 = 10,500 मशीनें
✏️ 5. महत्वपूर्ण उदाहरण एवं हल
उदाहरण 7: AP में a और d ज्ञात करना
प्रश्न: एक AP का 5वाँ पद 26 और 15वाँ पद 76 है। AP ज्ञात कीजिए।
a₅ = a + 4d = 26 …(i)
a₁₅ = a + 14d = 76 …(ii)
समीकरण (ii) − (i): 10d = 50 ⇒ d = 5
a + 4 × 5 = 26 ⇒ a + 20 = 26 ⇒ a = 6
अतः AP: 6, 11, 16, 21, 26, …
उदाहरण 8: दो AP की तुलना
प्रश्न: दो AP का सार्व अंतर समान है। पहली AP का प्रथम पद −1 और दूसरी AP का प्रथम पद −7 है। इनके 4वें पदों का अंतर ज्ञात कीजिए।
पहली AP: a₁ = −1, a₄ = −1 + 3d
दूसरी AP: a₂ = −7, a₄’ = −7 + 3d
अंतर = (−1 + 3d) − (−7 + 3d)
= −1 + 3d + 7 − 3d = 6
अतः दोनों AP के चौथे पदों का अंतर = 6 (d पर निर्भर नहीं)
उदाहरण 9: तीन अंकों वाली संख्याएँ जो 7 से विभाज्य हों
प्रश्न: तीन अंकों वाली 7 से विभाज्य सभी संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
तीन अंकों वाली 7 से विभाज्य पहली संख्या = 105, अंतिम = 994
AP: 105, 112, 119, …, 994
यहाँ a = 105, d = 7, l = 994
सर्वप्रथम पदों की संख्या: l = a + (n − 1)d
994 = 105 + (n − 1)7
889 = (n − 1)7 ⇒ n − 1 = 127 ⇒ n = 128
S₁₂₈ = 128/2 [105 + 994] = 64 × 1099 = 70,336
उदाहरण 10: AP में पदों की संख्या ज्ञात करना
प्रश्न: AP 10, 7, 4, …, −44 में कितने पद हैं? अंतिम से 7वाँ पद ज्ञात कीजिए।
भाग 1: पदों की संख्या
a = 10, d = −3, l = −44
−44 = 10 + (n − 1)(−3)
−44 = 10 − 3n + 3
−44 = 13 − 3n
−57 = −3n ⇒ n = 19
अतः कुल 19 पद हैं।
भाग 2: अंतिम से 7वाँ पद
अंतिम से rवाँ पद = l − (r − 1)d
अंतिम से 7वाँ = −44 − (7 − 1)(−3)
= −44 − 6(−3) = −44 + 18 = −26
📋 6. पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) — 2017–2026
MP Board परीक्षा में AP से पूछे जाने वाले प्रश्नों का विश्लेषण
❓ 7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: समांतर श्रेणी और समांतर संख्या क्या होती है?
उत्तर: समांतर श्रेणी (Arithmetic Progression) संख्याओं का एक अनुक्रम है जिसमें प्रत्येक क्रमागत पदों के बीच का अंतर नियत (constant) होता है। इसे AP भी कहते हैं। उदाहरण: 3, 6, 9, 12, … में प्रत्येक पद पिछले पद से 3 अधिक है, अतः यह एक AP है।
प्रश्न 2: AP का nवाँ पद कैसे ज्ञात करें?
उत्तर: AP के nवें पद का सूत्र aₙ = a + (n − 1)d है, जहाँ a = प्रथम पद और d = सार्व अंतर है। उदाहरण के लिए, AP 5, 8, 11, … में a = 5, d = 3, और 10वाँ पद = 5 + (10 − 1) × 3 = 5 + 27 = 32 होगा।
प्रश्न 3: AP के प्रथम n पदों का योग कैसे ज्ञात करें?
उत्तर: AP के प्रथम n पदों का योग Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d] सूत्र से ज्ञात किया जाता है। यदि अंतिम पद (l) दिया हो, तो Sₙ = n/2 [a + l] का प्रयोग करें।
प्रश्न 4: क्या प्रत्येक अनुक्रम एक AP होता है?
उत्तर: नहीं। केवल वही अनुक्रम AP होता है जिसमें क्रमागत पदों के बीच का अंतर नियत हो। उदाहरण: 1, 4, 9, 16, … में अंतर क्रमशः 3, 5, 7 है — यह नियत नहीं है, अतः यह AP नहीं है।
प्रश्न 5: सार्व अंतर (d) ऋणात्मक हो सकता है?
उत्तर: हाँ, सार्व अंतर ऋणात्मक, धनात्मक या शून्य हो सकता है। यदि d > 0, तो AP बढ़ती हुई श्रेणी होगी (जैसे 2, 5, 8, …)। यदि d < 0, तो AP घटती हुई श्रेणी होगी (जैसे 10, 7, 4, ...)। यदि d = 0, तो सभी पद समान होंगे (जैसे 6, 6, 6, ...)।
प्रश्न 6: AP में तीन पदों को कैसे लिखें?
उत्तर: यदि किसी AP में तीन पद दिए हों, तो उन्हें (a − d), a, (a + d) के रूप में लिखना सुविधाजनक होता है। चार पदों के लिए (a − 3d), (a − d), (a + d), (a + 3d) लिखें। इससे समीकरण हल करने में सरलता होती है।
प्रश्न 7: MP Board परीक्षा में AP से कितने अंकों के प्रश्न आते हैं?
उत्तर: MP Board Class 10 गणित की परीक्षा में समांतर श्रेणी से लगभग 4-6 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 2-3 अंकों के लघु उत्तरीय प्रश्न और 4-5 अंकों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होते हैं।
प्रश्न 8: Sₙ = 3n² + 2n दिया हो, तो AP कैसे ज्ञात करें?
उत्तर: a₁ = S₁ = 3(1)² + 2(1) = 5, a₂ = S₂ − S₁ = (12 + 4) − 5 = 11, a₃ = S₃ − S₂ = (27 + 6) − 16 = 17, … अतः AP = 5, 11, 17, … यहाँ a = 5, d = 6 है।
प्रश्न 9: क्या AP में किसी पद का मान शून्य हो सकता है?
उत्तर: हाँ, यदि a और d के मान ऐसे हों कि a + (n − 1)d = 0 हो, तो वह पद शून्य होगा। उदाहरण: AP 15, 12, 9, 6, 3, 0, −3, … में 6वाँ पद = 0 है।
प्रश्न 10: प्रथम n विषम प्राकृत संख्याओं का योग कितना होता है?
उत्तर: प्रथम n विषम प्राकृत संख्याएँ: 1, 3, 5, 7, … एक AP है जिसमें a = 1, d = 2 है। इनका योग Sₙ = n/2 [2 × 1 + (n − 1)2] = n/2 [2 + 2n − 2] = n/2 × 2n = n² होता है। अतः प्रथम n विषम संख्याओं का योग n² होता है।
प्रश्न 11: प्रथम n सम प्राकृत संख्याओं का योग कितना होता है?
उत्तर: प्रथम n सम प्राकृत संख्याएँ: 2, 4, 6, 8, … एक AP है जिसमें a = 2, d = 2 है। इनका योग Sₙ = n/2 [2 × 2 + (n − 1)2] = n/2 [4 + 2n − 2] = n/2 [2n + 2] = n(n + 1) होता है। अतः प्रथम n सम संख्याओं का योग n(n + 1) होता है।
प्रश्न 12: दो AP के nवें पदों का अनुपात (4n + 3) : (5n − 1) है। इनके 9वें पदों का अनुपात ज्ञात करें।
उत्तर: दिया है: aₙ / Aₙ = (4n + 3) / (5n − 1)। चूँकि aₙ = a + (n − 1)d = A + (n − 1)D, 9वें पद के लिए n = 9 रखने पर: a₉ / A₉ = (4 × 9 + 3) / (5 × 9 − 1) = (36 + 3) / (45 − 1) = 39/44 = 39 : 44